!! श्री जानकीनाथ आरती !! , !! जय जानकीनाथा !! , !! श्री राम जी की आरतीयां !!



!! श्री जानकीनाथ आरती !!


















जय जानकीनाथा,

जय श्रीरघुनाथा।

दोउ कर जोरें बिनवौं,

प्रभु! सुनिये बाता॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥




तुम रघुनाथ हमारे

प्रान, पिता माता।

तुम ही सज्जन-सङ्गी

भक्ति मुक्ति दाता॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥




लख चौरासी काटो

मेटो यम त्रासा।

निसिदिन प्रभु मोहि रखिये

अपने ही पासा॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥




राम भरत लछिमन

सँग शत्रुहन भैया।

जगमग ज्योति विराजै,

शोभा अति लहिया॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥




हनुमत नाद बजावत,

नेवर झमकाता।

स्वर्णथाल कर आरती

कौशल्या माता॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥




सुभग मुकुट सिर, धनु सर

कर सोभा भारी।

मनीराम दर्शन करि

पल-पल बलिहारी॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥




जय जानकीनाथा,

जय श्रीरघुनाथा।

दोउ कर जोरें बिनवौं,

प्रभु! सुनिये बाता॥




जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Swastik kyu bnate hai स्वास्तिक क्यों बनाते है

श्री गणेश जी की आरती , ganesh ji ki aarti , गणेश जी की आरतीयां

गणेश जी आरती, सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची-Ganesh ji ki aarati,shree vidhan haran Mangal Karan ki aarti , गणेश जी की आरतीयां