!! श्री विष्णुनामाष्टकम् !!


!! श्री विष्णुनामाष्टकम् !!










॥ श्री गणेशाय नमः ॥



अच्युतं केशवं विष्णुं

हरिं सत्यं जनार्दनम्।


हंसं नारायणं

चैवमेतन्नामाष्टकं पठेत्॥1॥


त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नित्यं

दारिद्र्यं तस्य नश्यति।


शत्रुसैन्यं क्षयं याति

दुःस्वप्नः सुखदो भवेत्॥2॥


गङ्गायां मरणं चैव

दृढा भक्तिस्तु केशवे।


ब्रह्मविद्याप्रबोधश्च

तस्मान्नित्यं पठेन्नरः॥3॥


॥ इति श्रीवामनपुराणे विष्णोर्नामाष्टकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

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