!! श्री सीताराम आरती !! ,, !! आसपास सखियाँ सुख दैनी !! , !! श्री राम जी की आरतीयां !!



!! श्री सीताराम आरती !!


















आसपास सखियाँ सुख दैनी,

सजि नव साज सिन्गार सुनैनी,

बीन सितार लिएँ पिकबैनी,

गाइ सुराग सुनाओ॥




गाओ गाओ री, प्रियाप्रीतम की आरती गाओ।




अनुपम छबि धरि दन्पति राजत,

नील पीत पट भूषन भ्राजत,

निरखत अगनित रति छबि लाजत,

नैनन को फल पाओ॥




गाओ गाओ री, प्रियाप्रीतम की आरती गाओ।




नीरज नैन चपल चितवनमें,

रुचिर अरुनिमा सुचि अधरनमें,

चन्द्रबदन की मधु मुसकनमें

निज नयनाँ अरुझाओ॥




गाओ गाओ री, प्रियाप्रीतम की आरती गाओ।




कंचन थार सँवारि मनोहर,

घृत कपूर सुभ बाति ज्योतिकर,

मुरछल चवँर लिएँ रामेस्वर

हरषि सुमन बरसाओ॥




गाओ गाओ री, प्रियाप्रीतम की आरती गाओ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Swastik kyu bnate hai स्वास्तिक क्यों बनाते है

श्री गणेश जी की आरती , ganesh ji ki aarti , गणेश जी की आरतीयां

om kya hai ॐ क्या है